केंद्र सरकार ने पहली बार औपचारिक नौकरी शुरू करने वाले युवाओं और अतिरिक्त रोजगार देने वाली कंपनियों को बड़ी राहत दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 जून 2026 को प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना यानी PM-VBRY के तहत लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित की।
इस योजना में पहली बार EPFO से जुड़ने वाले पात्र कर्मचारियों को एक महीने की EPF wage के बराबर, अधिकतम ₹15,000 दिए जाते हैं। वहीं, अतिरिक्त रोजगार देने वाले पात्र नियोक्ताओं को हर कर्मचारी पर अधिकतम ₹3,000 प्रति माह का प्रोत्साहन मिलता है।
सरकार के मुताबिक योजना के तहत दिए गए प्रोत्साहन से देशभर में लगभग 15 लाख रोजगार अवसरों को समर्थन मिला है। प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक जानकारी
खबर की बड़ी बातें
- PM-VBRY के तहत लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित हुई।
- पहली बार EPFO से जुड़ने वाले पात्र कर्मचारी योजना का लाभ ले सकते हैं।
- कर्मचारी को एक महीने की EPF wage के बराबर अधिकतम ₹15,000 मिलेंगे।
- रकम दो किस्तों में दी जाएगी।
- नियोक्ताओं को प्रत्येक अतिरिक्त पात्र कर्मचारी पर अधिकतम ₹3,000 प्रति माह मिलेंगे।
- योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित पात्र नौकरियों पर लागू है।
- मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को अधिक अवधि तक प्रोत्साहन देने का प्रावधान है।
क्या है प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना?
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना एक Employment Linked Incentive Scheme है। इसका उद्देश्य देश में नई नौकरियों को प्रोत्साहित करना, युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ना और EPFO के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़ाना है।
इस योजना को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO के माध्यम से लागू किया जा रहा है।
सरकार ने योजना के लिए ₹99,446 करोड़ का बजट निर्धारित किया है। इसके माध्यम से दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगारों को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें लगभग 1.92 करोड़ लाभार्थी पहली बार कार्यबल में प्रवेश करने वाले कर्मचारी हो सकते हैं। PIB की आधिकारिक योजना जानकारी
योजना के दो हिस्से
PM-VBRY को दो भागों में बांटा गया है।
Part A: पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारी
यह भाग उन कर्मचारियों के लिए है जो पहली बार किसी EPFO-covered establishment में नौकरी शुरू करते हैं और पहली बार उनके नाम से EPF contribution जमा होता है।
पात्र कर्मचारी को एक महीने की औसत EPF wage के बराबर अधिकतम ₹15,000 का प्रोत्साहन मिलेगा।
Part B: अतिरिक्त रोजगार देने वाले नियोक्ता
यह भाग अतिरिक्त कर्मचारियों को नौकरी देने वाले प्रतिष्ठानों के लिए है। निर्धारित baseline से ज्यादा कर्मचारी नियुक्त करने वाले पात्र नियोक्ताओं को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी पर अधिकतम ₹3,000 प्रति माह दिया जाएगा।
क्या सभी कर्मचारियों को ₹15,000 मिलेंगे?
नहीं। योजना में ₹15,000 की रकम निश्चित नहीं है।
पात्र कर्मचारी को मिलने वाला कुल लाभ उसकी औसत EPF wage के आधार पर तय होगा। यह एक महीने की EPF wage के बराबर होगा, लेकिन अधिकतम सीमा ₹15,000 रखी गई है।
इसलिए किसी कर्मचारी की EPF wage ₹15,000 से कम है तो उसे उसी के अनुसार कम राशि मिलेगी।
पहली किस्त कब मिलेगी?
पहली किस्त कर्मचारी के छह लगातार पूर्ण wage months पूरे होने के बाद दी जाएगी।
यह छह महीनों की औसत EPF wage की आधी होगी। पहली किस्त की अधिकतम सीमा ₹7,500 है।
इसके लिए जरूरी है कि नियोक्ता ने कर्मचारी की छह महीनों की ECR के साथ EPF contribution नियमित रूप से जमा की हो।
दूसरी किस्त के लिए पूरी करनी होगी यह शर्त
दूसरी किस्त 12 पूर्ण wage months पूरे होने के बाद मिलेगी।
इसकी गणना 12 महीनों की औसत EPF wage में से पहली किस्त घटाकर की जाएगी। दोनों किस्तों को मिलाकर कुल प्रोत्साहन ₹15,000 से अधिक नहीं होगा।
दूसरी किस्त प्राप्त करने के लिए कर्मचारी को निर्धारित Financial Literacy Programme भी पूरा करना होगा। आधिकारिक गाइडलाइन में दूसरी किस्त को निर्धारित समय के लिए savings instrument या deposit account में रखने का प्रावधान भी है। PM-VBRY की आधिकारिक गाइडलाइन
कौन कर्मचारी योजना के लिए पात्र होगा?
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के Part A का लाभ लेने के लिए निम्न शर्तें पूरी होनी चाहिए:
- कर्मचारी पहले EPFO या exempted PF trust का contributing member नहीं रहा हो।
- कर्मचारी ने पहली बार 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच नौकरी शुरू की हो।
- प्रतिष्ठान EPFO के दायरे में आता हो।
- नौकरी शुरू करते समय कर्मचारी की gross monthly wage ₹1 लाख तक हो।
- कर्मचारी का UAN आधार आधारित Face Authentication से प्रमाणित हो।
- कर्मचारी उसी प्रतिष्ठान में कम से कम छह महीने तक लगातार काम करे।
- नियोक्ता नियमित रूप से ECR और EPF contribution जमा करे।
- बैंक खाता आधार से जुड़ा हो।
- दूसरी किस्त के लिए Financial Literacy Programme पूरा किया गया हो।
First Timer कर्मचारी किसे माना जाएगा?
First Timer वह कर्मचारी है जो योजना शुरू होने से पहले EPFO या किसी exempted provident fund trust का contributing member नहीं था।
योजना की अवधि में पहली बार EPFO-covered establishment में नौकरी शुरू करने और पहली EPF contribution जमा होने पर उसे First Timer माना जाएगा।
अगर कर्मचारी पहले किसी कंपनी में काम कर चुका है और उसके नाम से EPF contribution जमा हुआ था, तो उसे Part A के तहत ₹15,000 तक वाला लाभ नहीं मिलेगा।
हालांकि, निर्धारित शर्तें पूरी होने पर नए नियोक्ता को ऐसे re-joinee कर्मचारी के लिए Part B का लाभ मिल सकता है।
नियोक्ताओं को कितना लाभ मिलेगा?
अतिरिक्त रोजगार देने वाले पात्र नियोक्ताओं को कर्मचारी की EPF wage के आधार पर प्रोत्साहन दिया जाएगा।
| अतिरिक्त कर्मचारी की EPF wage | नियोक्ता का मासिक प्रोत्साहन |
|---|---|
| ₹10,000 तक | EPF wage का 10%, अधिकतम ₹1,000 |
| ₹10,000 से अधिक और ₹20,000 तक | ₹2,000 |
| ₹20,000 से अधिक | ₹3,000 |
प्रोत्साहन केवल उन अतिरिक्त कर्मचारियों के लिए मिलेगा जिनकी नौकरी शुरू करते समय gross monthly wage ₹1 लाख तक थी।
सामान्य क्षेत्रों के पात्र नियोक्ताओं को यह लाभ अधिकतम दो वर्षों तक मिलेगा। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के प्रतिष्ठानों को तीसरे और चौथे वर्ष के लिए भी प्रोत्साहन देने का प्रावधान है।
अतिरिक्त कर्मचारियों की संख्या भी जरूरी
नियोक्ता को लाभ लेने के लिए अपनी निर्धारित baseline से ज्यादा कर्मचारियों की संख्या बनाए रखनी होगी।
- 50 से कम कर्मचारियों वाली baseline पर कम से कम दो अतिरिक्त कर्मचारी रखने होंगे।
- 50 या अधिक कर्मचारियों वाली baseline पर कम से कम पांच अतिरिक्त कर्मचारी रखने होंगे।
- अतिरिक्त कर्मचारी को उसी नियोक्ता के साथ कम से कम छह महीने तक काम करना होगा।
- सभी आवश्यक ECR और EPF contribution नियमित रूप से जमा होने चाहिए।
नियोक्ता को मिलने वाला लाभ छह महीने की पात्रता पूरी होने के बाद छह-मासिक एकमुश्त आधार पर जारी किया जाता है।
कर्मचारियों को कैसे मिलेगा योजना का लाभ?
योजना की पात्रता EPFO records, UAN, ECR और जमा की गई contribution के आधार पर सत्यापित की जाती है।
कर्मचारी को निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- योजना की अवधि में EPFO-covered establishment में पहली नौकरी शुरू करें।
- UMANG App पर आधार आधारित Face Authentication के माध्यम से UAN बनाएं और activate करें।
- बैंक खाते को आधार से लिंक रखें।
- नियोक्ता से सुनिश्चित करें कि EPF contribution नियमित रूप से जमा हो रही है।
- अपनी नौकरी और EPFO records में नाम, आधार व बैंक विवरण सही रखें।
- दूसरी किस्त के लिए Financial Literacy Programme पूरा करें।
EPFO ने UAN generation और activation की सुविधा UMANG App पर उपलब्ध कराई है। इसके लिए UMANG में EPFO Services के अंदर “UAN Services Through Face Auth” विकल्प चुनना होगा। EPFO Member Portal
नियोक्ता कैसे करेगा रजिस्ट्रेशन?
नियोक्ता को PM-VBRY के आधिकारिक पोर्टल पर one-time registration प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
इसके लिए सामान्य रूप से निम्न जानकारी देनी होगी:
- EPFO establishment code
- PAN
- GSTN
- PAN-linked bank account
- नियमित ECR और EPF contribution का विवरण
पहले से EPFO में पंजीकृत प्रतिष्ठान योजना में deemed registered माने जाते हैं। हालांकि, उन्हें आवश्यक PAN, GSTN और PAN से जुड़े बैंक खाते की जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
बैंक खाते में कैसे आएगी रकम?
कर्मचारियों की प्रोत्साहन राशि Direct Benefit Transfer यानी DBT के माध्यम से आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाएगी।
नियोक्ताओं को मिलने वाली रकम उनके PAN-linked bank account में जमा होगी।
अगर कर्मचारी का बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है तो भुगतान रोका जा सकता है। आधार सीडिंग पूरी होने के बाद पात्र बकाया राशि जारी की जा सकती है।
आधिकारिक गाइडलाइन के अनुसार पात्रता और paid ECR की शर्तें पूरी होने के बाद प्रोत्साहन राशि 45 दिनों के भीतर जारी की जानी है।
नौकरी छोड़ने पर मिलेगा लाभ?
छह पूर्ण wage months पूरे होने से पहले नौकरी छोड़ने पर कर्मचारी पहली किस्त की पात्रता पूरी नहीं कर पाएगा।
निम्न परिस्थितियों में योजना का लाभ बंद हो सकता है:
- कर्मचारी के नौकरी छोड़ने पर।
- प्रतिष्ठान बंद होने पर।
- गलत जानकारी या धोखाधड़ी मिलने पर।
- ECR और EPF contribution जमा नहीं होने पर।
- नियोक्ता द्वारा अतिरिक्त रोजगार की संख्या बनाए नहीं रखने पर।
- योजना की दूसरी पात्रता शर्तें पूरी नहीं होने पर।
यह सरकारी नौकरी या बेरोजगारी भत्ता योजना नहीं है
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना कोई सरकारी भर्ती अभियान नहीं है। इसके माध्यम से बेरोजगार युवाओं को सीधे नौकरी या मासिक बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया जाता।
योजना का लाभ पात्र EPFO-covered establishment में नौकरी शुरू करने और निर्धारित शर्तें पूरी करने के बाद मिलता है।
योजना में रजिस्ट्रेशन या लाभ दिलाने के बदले पैसे मांगने वाले अनधिकृत व्यक्ति और फर्जी वेबसाइट से सावधान रहें। जानकारी के लिए केवल PM-VBRY के आधिकारिक पोर्टल का इस्तेमाल करें।